रोमांचक टी20 मुकाबले में मेजबान को 34 रनों से हराया
New delhi । जिम्बाब्वे के दौरे पर गई बांग्लादेश की क्रिकेट टीम को आखिरकार सफलता मिली है। एक टेस्ट मैच और तीन एकदिवसीय मैचों की सीरीज हारने के बाद, बांग्लादेश ने तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में मेजबान जिम्बाब्वे को 34 रनों से हरा दिया। यह जीत बांग्लादेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह इससे पहले एकमात्र टेस्ट मैच पारी और 85 रनों से हार चुकी थी, जबकि एकदिवसीय सीरीज जिम्बाब्वे ने 2-1 से अपने नाम की थी।
टी20 सीरीज का पहला मुकाबला भी मेजबान टीम ने जीता था, जिससे बांग्लादेश पर दबाव बढ़ गया था। क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में शुक्रवार को खेले गए इस दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 186 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
बांग्लादेश की ओर से सलामी बल्लेबाज सैफ हसन ने 55 रन और तनजीद हसन तमीम ने 58 रन की शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। इसके अलावा, यासिर अली ने 22 रन और मोहम्मद सैफुद्दीन ने अंत में तेजतर्रार 31 रन (10 गेंदों में 310 की स्ट्राइक रेट से) बनाए, जिससे टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने में मदद मिली। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों में नवारगा को दो, सिकंदर राजा को एक और ब्रैड इवांश को दो विकेट हासिल हुए। 187 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उनके कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं बना सका।
कप्तान सिकंदर राजा ने 28, रयान बर्ल ने 29 और ब्रैड इवांश ने 25 रनों की पारी खेली, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सके। पूरी जिम्बाब्वे की टीम 19.4 ओवर में 152 रनों के स्कोर पर ही सिमट गई। बांग्लादेश की ओर से गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मेहंदी हसन ने चार ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि रिशाद हुसैन ने चार विकेट हासिल किए। नाहिद राणा और मोहम्मद सैफुद्दीन ने एक-एक विकेट लिया, और सैफ हसन ने भी एक विकेट चटकाया।
मोहम्मद सैफुद्दीन को उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने बल्लेबाजी में 31 रन बनाने के अलावा गेंदबाजी में भी 4 ओवर में 36 रन देकर एक विकेट हासिल किया। इस जीत के साथ बांग्लादेश ने टी20 सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है, जिससे तीसरा और आखिरी मुकाबला अब निर्णायक साबित होगा।


