New delhi । फीफा विश्व कप के 96 साल के गौरवशाली इतिहास में यह पहली बार होगा जब दो दिग्गज टीमें अर्जेंटीना और स्पेन खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। यह बहुप्रतीक्षित फाइनल रविवार, 20 जुलाई को ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी में खेला जाएगा, जहाँ फुटबॉल की दो विपरीत शैलियों का टकराव देखने को मिलेगा। एक तरफ लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली आक्रामक अर्जेंटीना टीम होगी, तो दूसरी ओर स्पेन की अभेद्य रक्षापंक्ति उसे चुनौती देगी। यह मुकाबला न केवल खेल की शैलियों का टकराव है, बल्कि फीफा विश्व रैंकिंग में शीर्ष दो टीमों नंबर एक अर्जेंटीना और नंबर दो स्पेन के बीच भी एक जंग है, जिससे यह मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।
लियोनेल मेसी की टीम अर्जेंटीना अपना लगातार दूसरा और कुल सातवां फाइनल खेलने उतरेगी। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना अपना चौथा खिताब जीतने की कोशिश में है और अगर वह सफल होती है तो 1958 व 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली दूसरी टीम बन जाएगी। टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले लियोनेल मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने अब तक कुल 19 गोल दागे हैं, जो किसी भी टीम द्वारा सर्वाधिक हैं।
टीम ने फाइनल तक के सफर में अपने सभी सात मैच जीते हैं, जिनमें ग्रुप चरण में अल्जीरिया को 3-0, ऑस्ट्रिया को 2-0 और जॉर्डन को 3-1 से हराना शामिल है। नॉकआउट चरण में उन्होंने केप वर्दे को 3-2, मिस्र को 3-2, स्विट्जरलैंड को 3-1 और सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर जीत दर्ज की।
वहीं, स्पेन 2010 में अपना पहला खिताब जीतने के बाद दूसरा विश्व कप जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगा। स्पेन अपनी मजबूत रक्षा के लिए जाना जाता है और उसने टूर्नामेंट में अब तक केवल एक ही गोल खाया है। युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के रूप में उनके पास एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है जो मेसी को कड़ी चुनौती दे सकता है। स्पेन ने फाइनल तक पहुंचने के लिए छह जीत और एक ड्रॉ हासिल किया है, जिसमें उसने कुल 13 गोल किए हैं। ग्रुप चरण में केप वर्दे के खिलाफ गोल रहित ड्रॉ के बाद उसने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराया।
नॉकआउट चरण में ऑस्ट्रिया को 3-0, पुर्तगाल को 1-0, बेल्जियम को 2-1 और सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। मार्च में कतर के दोहा में इन दोनों यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी चैंपियन टीमों को फाइनलिस्सिमा में भिड़ना था, लेकिन मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वह मैच रद्द हो गया था। अब नियति ने उन्हें विश्व कप के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने ला खड़ा किया है, जहाँ फुटबॉल प्रेमियों को एक यादगार मुकाबला देखने को मिलेगा।


