चीफ इंजीनियर से तीखी बहस के बाद नगर निगम मुख्यालय में मची अफरा-तफरी, अधूरे कामों को लेकर जताई नाराजगी
Kanpur । नगर निगम मुख्यालय मोतीझील में सोमवार को विकास कार्यों को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। वार्ड में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों से नाराज भाजपा के बागी पार्षद पवन गुप्ता ने अधिकारियों के सामने विरोध जताते हुए खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड-37 अशोक नगर के पार्षद पवन गुप्ता सोमवार दोपहर अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की लंबित फाइलों का मामला लेकर नगर निगम पहुंचे थे। यहां जोन-1 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव से उनकी बातचीत हुई। विकास कार्यों में देरी और फाइलें आगे नहीं बढ़ने को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद मामला बढ़ गया और पार्षद के विरोध के तरीके से मुख्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
तीन साल से चौराहे का निर्माण अधूरा
पार्षद पवन गुप्ता का आरोप है कि ब्रह्मनगर चौराहे के धंसने के करीब तीन साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। वहीं, 80 फीट रोड पर चार महीने पहले नाला धंसने के बाद नाले का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक अधूरी है। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता रोजाना उनसे विकास कार्यों को लेकर सवाल करती है। जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें लोगों के सामने जवाब देना पड़ता है।
महापौर से भी चल रही खींचतान
नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और भाजपा के बागी पार्षदों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। पार्षदों की ओर से विकास कार्यों में भेदभाव और प्रस्तावों की अनदेखी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। पवन गुप्ता ने भी महापौर और उनके परिवार पर नगर निगम के कामकाज में हस्तक्षेप के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब भी महत्वपूर्ण है।
वहीं, अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव के अनुसार, जोन-4 के विकास कार्यों से जुड़ी जो फाइलें रुकी थीं, उन्हें सोमवार को पूरा कराकर आगे भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना ने नगर निगम में विकास कार्यों की रफ्तार और पार्षदों-अधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

