ग्रीनपार्क के इतिहास को संजोने वाले पिच क्यूरेटर के आकस्मिक निधन से खेल जगह में छायी शोक की लहर
बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, इंडोनेशिया क्रिकेट, यूपीसीए, खेल विभाग ने दी अपनी श्रद्धाजंलि
Kanpur । ग्रीन पार्क के पिच क्यूरेटर शिव कुमार का मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्टेडियम की मुख्य पिच पर काम करते दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे छह से नौ फरवरी के बीच ग्रीन पार्क में होने वाले कर्नल सीके नायडू मुकाबले की तैयारियों में लगे थे। मौके पर मौजूद मैदान कर्मियों ने बताया कि मुख्य विकेट पर काम करते समय अचानक वे गिर गए। जब उनको उठाने का प्रयास किया तो वे बेहोश थे। तब यूपीसीए के नोडल अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव और मैदानकर्मी उनको लेकर नजदीक के अस्पताल पहुंचे।
जहां से उन्हें कार्डियोलाजी रेफर किया गया लेकिन अस्पताल के गेट पर ही उनकी सांसे थम गयीं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गृह जिले बरेली में किया जायेगा। शिव कुमार की पत्नी और दोनों लड़के पुणे में है जिन्हें सूचना दे दी गयी है वहीं उनका शव भी देर रात बरेली भेज दिया गया है। इससे पहले ग्रीनपार्क में उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में यूपीसीए, खेल विभाग समेत सभी खेलों के प्रशासक व खिलाड़ियों ने पहुंचकर अपनी ऋद्धांजलि अर्पित की।
शिवकुमार के निधन की सूचना से उप्र क्रिकेट में शोक की लहर दौड़ गई। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, इंडोनेशिया क्रिकेट, यूपीसीए, खेल विभाग के साथ कई क्रिकेटरों ने शिव कुमार के निधन को प्रदेश क्रिकेट की बड़ी क्षति बताया।
खेल विभाग में बतौर इलेक्ट्रीशियन के पद पर भर्ती होने वाले शिवकुमार का जब बरेली से कानपुर स्थित ग्रीनपार्क ट्रांसफर हुआ तो यहां अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की कीर्ति से वह इतना प्रभावित हुए कि नई विधा में हाथ आजमाने का फैसला किया। नब्बू शाह की शार्गिदी में शिवकुमार ने पिच और ग्राउंड को पढ़ना सीखा और तत्कालीन आरएसओ ब्रजेंद्र कुमार द्वारा बढ़ाये गये मनोबल का नतीजा ऐसा निकला कि शिवकुमार देश के सर्वश्रेष्ठ पिच क्यूरेटर में शामिल हो गये।
बीसीसीआई की परीक्षा पास करने के बाद वह वर्तमान में सीनियर पिच क्यूरेटर के साथ ही सेंट्रल जोन प्रभारी भी थे। यूपीसीए पूर्व सचिव व वर्तमान में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी शिवकुमार को ग्रीनपार्क समेत देश के कई स्टेडियम में विकेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
हालांकि खेल विभाग में रहते अन्य जगह जाकर काम करने में नियम आड़े आते देख शिवकुमार वीआरएस लेकर यूपीसीए में बतौर सीनियर पिच क्यूरेटर के पद पर आसीन हुए। इस दौरान शिवकुमार ने देश के तकरीबन सभी शीर्ष स्टेडियम के साथ-साथ बंगलादेश, इंडोनेशिया जैसे देशों में भी पिच तैयार करने का काम किया।
ग्रीनपार्क में पिछले कई वर्षों से लाल मिट्टी की पिच बनाने का सपना संजोये शिवकुमार पिछले माह ही महाराष्ट्र से यह मिट्टी मंगवाने में कामयाब हुए हालांकि वह इसे बना न सके और उनका यह सपना अधूरा ही रह गया।
ग्रीन पार्क में वर्ष 2005 से लेकर अभी तक खेले गये सभी अंतराष्ट्रीय मुकाबलों में शिवकुमार ने ही विकेट बनायी। यहां बल्लेबाजों की मददगार पिच बनाने का कलंक भी उन्होंने ही धोया और गेंदबाजों का भी पूरा मनोबल बढ़ाया। भारतीय इतिहास का 500वां टेस्ट मैच हो या आईपीएल जैसे मुकाबले सभी में शिवकुमार ने यादगार विकेट तैयार की।
यहां मैच में भले ही भारत जीते या दूसरी टीम, दोनों ही टीमों के कप्तान, कोच समेत सभी खिलाड़ी शिवकुमार की तारीफ करते नहीं थकते थे। राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई दिग्गज मैच के बाद ग्राउंड्समैन को पुरस्कृत भी कर चुके हैं।


