डिप्टी रजिस्ट्रार आगरा ने माना कि छल कपट व धोखाधड़ी से कराया गया था रजिस्ट्रेशन
Kanpur। उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) एसोसिएशन के नाम पर आगरा में अप्रैल माह में बने नए एसोसिएशन का पंजीयन डिप्टी रजिस्ट्रार आगरा विपुल कुमार सिंह की ओर से निरस्त कर दिया गया है। जारी रिपोर्ट में साफतौर पर स्पष्ट किया गया कि उक्त संस्था का पंजीयन छल कपट व धोखाधड़ी के आधार पर कराया गया था। इस बाबत रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के पंजीयन को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा 12डी के तहत निरस्त किया गया है।
आपको बताते चले कि आगरा के जीडी शर्मा ने पिछले दिनों उप्र क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से नये संघ का रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रार, फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के तहत करवाया था। इसके बाद उन्होंने खुद को नया सचिव घोषित करते हुए कानपुर स्थित उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) मुख्यालय को लोगो का प्रयोग नहीं करने की चेतावनी जारी कर दी थी। आगरा के डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से जारी हुए पत्र में पंजीकरण निरस्त करने की बात पर जीडी शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट की शरण लेंगे। उनका पक्ष मजबूत है।
पंजीयन किस आधार पर निरस्त किया गया। वहीं, यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने कहा कि सही-गलत का फैसला हो गया है। जो यूपीसीए के नाम पर खेल कर रहे थे, उनको जवाब मिल गया है। इस बारे में डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स आगरा मंडल के विपुल सिंह ने बताया कि दो साल पहले उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएट नाम से संस्था का पंजीकरण कराया गया था। बाद में संस्था का नाम उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन कर लिया गया। इसीलिए संस्था का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है।
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