Kanpur । पुलिस कमिश्नरेट की सख्ती और लगातार चल रहे अभियान के बीच आखिरकार 12 साल से फरार 25 हजार रुपये का इनामी गैंगस्टर सद्दाम पुलिस के शिकंजे में आ गया। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा यह शातिर अपराधी नेपाल बॉर्डर और तराई क्षेत्रों में छिपकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, सद्दाम वर्ष 2013 में कानपुर नगर में हुई कई लूट की घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा था। घटनाओं के खुलासे के बाद उस पर शिकंजा कसते हुए वर्ष 2014 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था।
सेंट्रल जोन पुलिस टीम उसकी तलाश में लंबे समय से जुटी हुई थी। आधुनिक तकनीक और सर्विलांस की मदद से हाल ही में उसकी लोकेशन नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और सोनौली क्षेत्र में ट्रेस की गई। पुलिस को यह भी पता चला कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए मेलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी दुकान लगाकर गुजर-बसर कर रहा था।
इसी क्रम में 19 मार्च 2026 को पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि सद्दाम किसी निजी काम से गुपचुप तरीके से कानपुर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभियुक्त बेहद शातिर है और पिछले कई वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक इतिहास की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों का संरक्षण मिला और क्या उसने कोई नया आपराधिक नेटवर्क तैयार किया था।


