Kanpur । ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली का परिचय देते हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया। इस सराहनीय पहल से न केवल बच्चों बल्कि उनके परिवारों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई।
माघ मेला के मद्देनजर स्टेशन परिसर में चल रही सघन चेकिंग के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर तीन बच्चे डरे-सहमे और भटके हुए हालत में दिखाई दिए। प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में तैनात जीआरपी टीम ने तत्काल बच्चों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठाया।
पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी पहचान फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में बताई। इनमें सोनू (11 वर्ष) और मनोज (12 वर्ष), निवासी सूबेदार खेड़ा तथा पुनीत पाल (15 वर्ष), निवासी गुन्जी शामिल थे। जीआरपी ने बिना देरी किए बच्चों को थाने के हेल्प डेस्क पर रखा और विभिन्न माध्यमों से उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया।
सूचना मिलते ही बच्चों के पिता रविशंकर, रामनरेश और महेंद्र पाल कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे। आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद बच्चों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपने जिगर के टुकड़ों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने जीआरपी टीम का दिल से धन्यवाद किया।
प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने इस अवसर पर यात्रियों से अपील की कि वे स्टेशन परिसर में बच्चों पर विशेष ध्यान दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत जीआरपी हेल्प डेस्क या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते सहायता की जा सके।
इस मानवीय कार्य में वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक मुकुंद लाल, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, हरिपाल सिंह, रमेश सोनकर, वैश खान तथा कांस्टेबल सत्येंद्र सिंह, सूर्यकांत यादव और अंकित कुमार की अहम भूमिका रही।


