योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर तीखा हमला, मजहबी आरक्षण के मुद्दे पर घेरा, नारी शक्ति वंदन विधेयक के विरोध की
Lucknow । उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला सशक्तीकरण को लेकर हुई लंबी चर्चा के बाद नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही राष्ट्रगान के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी, पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन मजहबी आधार पर आरक्षण का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि 1947 के विभाजन की त्रासदी को दोहराने वाली परिस्थितियों से बचना हर जिम्मेदार दल का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का प्रयास किया और मजहबी आरक्षण का मुद्दा उठाकर असली उद्देश्य से ध्यान भटकाया। उन्होंने इसे महिलाओं और देश के साथ बड़ा द्रोह बताते हुए विपक्ष के रुख की कड़ी निंदा की।
इससे पहले सीएम ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि संविधान में लैंगिक समानता की स्पष्ट अवधारणा है, लेकिन महिलाओं को अब भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, जिसे प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।
दिनभर चली चर्चा में विभिन्न सदस्यों ने महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे, जिसके बाद निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।


