ग्रीनपार्क में शुक्रवार से खेला जायेगा कर्नल सीके नायडू ट्रॉफ़ी का मुक़ाबला
Kanpur । ग्रीनपार्क स्टेडियम को कई यादगार मुक़ाबलों का गवाह बनाने वाले बीसीसीआई के सीनियर पिच क्यूरेटर शिवकुमार का मंगलवार को मैदान में दिल का दौरा पड़ने से निधन होने के बाद अब शुक्रवार से उनकी बनायी आख़िरी पिच पर मेज़बान उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ की टीमें कर्नल सीके नायडू ट्रॉफ़ी का मुक़ाबला खेलकर उनकों ऋद्धाजंलि देने उतरेंगी। एलीट ग्रुप डी में शामिल दोनों टीमों में उप्र का यह आख़िरी लीग मैच है और उसे नॉकआउट में जगह बनाने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करना होगा।

उप्र इस समय पाँच मैचों में 40 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर चल रही चंडीगढ़ की टीम भले ही अगले दौर का टिकट न हासिल कर पाये लेकिन वह मेज़बान टीम का खेल ख़राब करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। दोनों ही टीमों ने पिछले दो दिनों से ग्रीनपार्क में बनी काली मिट्टी की पिचों पर जमकर अभ्यास कर खुद को मुक़ाबले के लिए तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

सर्द मौसम को देखते हुए पहले सत्र में ओस अपना कमाल दिखा सकती है जिसमें तेज गेंदबाज़ों को मदद मिलने की पूरी संभावना है हालाँकि धूप निकलने के बाद बल्लेबाज़ों के लिए यहाँ की विकेट मददगार रहेगी। लिहाज़ा मैच में टॉस भी अपनी अहम भूमिका निभायेगा। कोच ज्ञानेंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में उप्र की कमान सँभाल रहे आर्दश सिंह भी कानपुर से हैं। जिन्हें यहाँ पर खेलने का अच्छा ख़ासा अनुभव है।
साथ ही प्रशांतवीर, अक्शु बाजवा, रितुराज शर्मा जैसे खिलाड़ी भी मैच का रुख बदलने की क़ाबिलियत रखते हैं। उधर सीजन में अभी तक केवल एक जीत हासिल कर सकी चंडीगढ़ की टीम भी पूरी कोशिश करेगी कि वह मेज़बान टीम को अपने चक्रव्यूह में फँसा सके। जिसके लिए देवांग कौशिक, राघव वर्मा, आरुष भंडारी, आर्यन दुग्गल, अभिराज जैसे धुरंधरों ने खासी रणनीति तैयार की है। अब देखना होगा कि कौन अपनी रणनीति में कामयाब होता है।मुक़ाबला सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा।


