8 के लाइसेंस पर गिरी गाज
Kanpur । अगर आप बोतलबंद पानी को पूरी तरह सुरक्षित मानते हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिटों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान 26 यूनिटों की जांच की गई, जिनमें से 10 यूनिटें मौके पर ही बंद पाई गईं, जबकि कई इकाइयों में गंभीर खामियां उजागर हुईं।

निरीक्षण के दौरान पानी की शुद्धता, स्वच्छता व्यवस्था, मशीनों की स्थिति और मानकों का पालन न होने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। कार्रवाई के तहत चार स्टेट लाइसेंस प्राप्त यूनिटों की खाद्य अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई। वहीं चार केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त यूनिटों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति करते हुए केंद्रीय प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है।

निलंबित स्टेट लाइसेंस वाली यूनिटों में पनकी इंडस्ट्रियल एरिया की मेसर्स प्रभु कृपा एंटरप्राइजेज, यशोदा नगर की के. यस. टेस्टी ड्रिंक्स एंड रिफ्रेशमेंट सॉल्यूशन, गोविंद नगर की संतोषा इंडस्ट्रीज और हंसपुरम नौबस्ता की सत्यम एंटरप्राइजेज शामिल हैं। वहीं उद्योगकुंज व इस्पात नगर पनकी, रूमा और सचेंडी की चार यूनिटों पर केंद्रीय लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता से समझौता करने वाली इकाइयों पर आगे भी बुलडोजर जैसी कार्रवाई जारी रहेगी


