कोर्ट में मामला लंबित, खिलाड़ियों और नागरिकों ने उठाए सवाल; अधिकारियों ने निर्माण पर लगाई रोक
Kanpur। अर्मापुर स्थित एसएफ ग्राउंड बुधवार को उस समय विवादों का केंद्र बन गया, जब यहां प्रस्तावित निर्माण के लिए एडवांस वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड द्वारा भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह शुरू हुए इस कार्यक्रम की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय नागरिक, खिलाड़ी और आयुध निर्माणियों के यूनियन नेता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और कार्यक्रम स्थल पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एसएफ ग्राउंड का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत करना न्यायिक प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है। लोगों ने अधिकारियों को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब विभाग के वकील पहले ही कोर्ट में लिखित रूप से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा, तो फिर भूमि पूजन किस आधार पर किया गया।
स्थानीय नागरिकों और खिलाड़ियों ने मैदान को क्षेत्र का अहम खेल स्थल बताते हुए इसे बचाने की मांग की। उनका कहना था कि यह ग्राउंड वर्षों से खेलकूद, अभ्यास और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में युवा अभ्यास करते हैं और किसी भी प्रकार का निर्माण उनकी गतिविधियों को प्रभावित करेगा।
विरोध के दौरान अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि हालात बिगड़ते देख अधिकारियों ने संयम दिखाया और कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इस दौरान छबि लाल यादव, पुष्पेंद्र जायसवाल, एस.के. सचान, निर्भय सिंह, राजीव सिंह, प्रेम नारायण, विनोद तिवारी, अरुण पांडे, संतोष यादव, आवेश कौशिक, रामचंद्र वर्मा, ओमवीर चौहान, राकेश यादव, प्रभु नाथ, बलवीर शंकर और अभिषेक सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

