Kanpur । कानून से भागना आसान हो सकता है, लेकिन कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन-इस कहावत को सच साबित करते हुए पुलिस ने हत्या के एक मामले में 35 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। धारा 302 के तहत वांछित अभियुक्त शौकत, निवासी शाहीबाबाद चमनगंज, वर्ष 1990 से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी शौकत एक कत्ल के मामले में नामजद था, लेकिन वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फिल्मी अंदाज़ अपनाया। वह लगातार अपना नाम, भेष और ठिकाने बदलता रहा। कभी मजदूर तो कभी छोटे व्यवसायी बनकर अलग-अलग जगहों पर रहकर वह सामान्य जीवन जीता रहा, जिससे पुलिस को उस तक पहुंचने में भारी कठिनाई हुई।
बीते वर्षों में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन हर बार वह बच निकलने में कामयाब रहा। अंततः पुलिस ने शौकत पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया और आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाने लगी। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को उसकी मौजूदगी का सुराग मिला।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में सर्विलांस टीम प्रभारी लोकेंद्र कुमार, थाना प्रभारी कर्नलगंज विनीत चौधरी, उप निरीक्षक रिंकू निमेष सहित अन्य पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 35 वर्षों से चल रही पुलिस और आरोपी के बीच आंख-मिचौली के खेल का अंत कर दिया और उसे दबोच लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतत मेहनत का परिणाम है, बल्कि फरार अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि अपराध चाहे जितना पुराना क्यों न हो, कानून देर-सवेर अपना काम जरूर करता है।


