तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर
Kanpur । वर्षा बाधित दूसरे वनडे मुकाबले में आस्ट्रेलिया ए ने मैकेंजी हार्वी और कूपर कोनोली के नाबाद अर्द्शतकों के दम पर भारत ए को डकवर्थ लुइस नियम के तहत 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की टीम 45.5 ओवर में 246 रनों पर सिमट गयी।

जवाब में आस्ट्रेलिया ए की पारी के 5.5 ओवर में 48 रनों के बाद सांय 6.30 बजे बारिश होने के कारण मैच तीन घंटे बाधित हुआ। जिसके बाद मैच रैफरी ने संशोधित लक्ष्य 25 ओवरों में 160 बनाने को दिया जिसे आस्ट्रेलिया ए ने 16.4 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर हासिल कर 9 विकेट से जीत हासिल कर ली। आस्ट्रेलिया ए की तरफ से मैकेंजी हार्वे ने 49 गेंदों में 10 चौकों व दो छक्कों की मदद से नाबाद 70 तथा कूपर कोनोली ने 31 गेंदों में पांच चौकों व तीन छक्कों की मदद से नाबाद 50 रनों की पारी खेली।
वहीं टीम का एकमात्र विकेट 6.5 ओवर में जैक फ्रेजर के रूप में गिरा। फ्रेजर 20 गेंदों में 36 रन बनाकर निशांत सिंधु का शिकार हुए।इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत इस बार काफी निराशाजनक रही। एशिया कप में धमाल मचाकर ग्रीन पार्क में उतरे अभिषेक शर्मा यहां पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।
जैक एडवर्डस ने इन्हें स्लिप में खड़े विल सदरलैंड के हाथों कैच आउट कराया। दूसरे छोर पर खड़े प्रभसिमरन सिंह भी मात्र एक रन पर विल सदरलैंड की गेंद पर लेचन शॉ को कैच थमा बैठे। पहले मैच में शतक लगाने वाले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी आज अपना कमाल न दिखा और 5.3 ओवर में आठ रनों पर जैक एडवर्डस की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए।
17 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत का सेरहा बांधने वाले तिलक वर्मा और रियान पराग ने संभलकर खेलते हुए चौथे विकेट के लिए 101 शतकीय साझेदारी करने के साथ ही अपने अर्द्धशतक भी पूरे किये। 22.5 ओवर में विल सदरलैंड ने रियान को टॉड मर्फी के हाथों कैच दिलाकर इस साझेदारी का अंत किया।
रियान ने 54 गेंदों में छह चौकों व एक छक्कें की मदद से 58 रन बनाए। इसके बाद भारतीय बल्लेबाज एक बार फिर लगातार अंतराल में पवेलियन लौटते रहे। निशांत सिंधु को एक रन पर जैक एडवर्डस, सूर्यांश सेघड़े को दस रनों पर लाचेन शॉ, हर्षित राणा को 21 रनों पर तनवीर सांघा, युद्धवीर सिंह को 4 रनों पर मैकेंजी हार्वे ने पवेलियन की राह दिखायी।
एक समय जब लगा कि पूरी टीम 200 रनों के भीतर सिमट जायेगी तो विकेट का दूसरा छोर संभाले तिलक ने रवि विश्नोई के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर 200 रनों के पार पहुंचाया।
हालांकि 41.3 ओवर में तनवीर सांघा ने लाचेन शॉ के हाथों विश्नोई को कैच दिलाकर इस साझेदारी को तोड़ा। विश्नोई ने 30 गेंदों में दो चौकों व दो छक्कों की मदद से 26 रन बनाए। 9 विकेट गिरने के बाद तिलक ने तेजी से खेलते हुए अपने शतक की ओर कदम बढ़ाये लेकिन 45.5 ओवर में जैक एडवर्डस की गेंद को बाउंड्री पार पहुंचाने में वह कूपर कोनोली को कैच थमा बैठे।
तिलक के आउट होते ही भारतीय पारी का भी 246 रनों पर अंत हुआ। तिलक ने 122 गेंदों में पांच चौके व चार छक्के लगाकर सर्वाधिक 94 रन बनाए। अर्शदीप सिंह पांच गेंदों में दस रन बनाकर नाबाद लौटे। आस्ट्रेलिया ए की तरफ से जैक एडवर्डस ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 56 रन देकर चार विकेट लिए। वहीं विल सदरलैंड और तनवीर सांघा ने दो-दो, लेचन शॉ व मिकेंजी हार्वी ने एक-एक विकेट लिया।


