Kanpur । जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार अपराह्न दो बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 10 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी का एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए स्वास्थ्य कार्मिकों में द्रौपदी सावंत, अपराजिता, एकराम, नेहा साहू, मोहित पाल, अभिषेक दीक्षित, डॉ अंजना, डॉ हिमानी सचान, डॉ सुशील और डॉ विपुल शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन किया। इसमें ऑप्टिमिस्ट हिमांशु लाखा के आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए फील्ड में जाने की प्रविष्टि पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य आशा और एएनएम द्वारा ही कराया जाए तथा ऑप्टिमिस्ट से उसके पद के अनुरूप ही कार्य लिया जाए।
जिलाधिकारी ने ओपीडी रजिस्टर, दवा वितरण कक्ष और एक्स-रे कक्ष का भी निरीक्षण किया। एमओआईसी डॉ यशोवर्धन सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में 170 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इसके अलावा सीएचसी की प्रयोगशाला में 68 मरीजों की जांच की गई। पांच मरीजों का एक्स-रे, छह दंत शल्य क्रियाएं और चार प्रसव कराए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएचसी परिसर में प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से संवाद कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी भी ली।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में अनुशासन, उपस्थिति और सेवा गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


