Kanpur। उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। इस संबंध में कानपुर के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात कर समाज की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा उठाया और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
विधायक मैथानी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में धर्म, पंथ, मजहब, जाति या किसी भी वर्ग विशेष से जुड़ा कोई प्रश्न शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग स्वयं प्रश्नपत्र तैयार नहीं करता, बल्कि गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह जिम्मेदारी विशेष एजेंसियों को दी जाती है। हालांकि अब सरकार इन एजेंसियों की जवाबदेही भी तय कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रुटि दोबारा न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान” है। वर्ष 2017 से ही सरकार सभी वर्गों और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है। किसी भी समाज या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं होगा।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मुख्यमंत्री के त्वरित संज्ञान और जनभावनाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।


