Kanpur । खतौनी में नाम, हिस्सेदारी और गाटों के अंश निर्धारण से जुड़ी वर्षों पुरानी उलझनों से खातेदारों को जल्द राहत मिलने वाली है। जनपद में 16 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक विशेष सुधार अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत खतौनियों में दर्ज खातेदारों और सह-खातेदारों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जाएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गांव से तहसील तक होगी जांच
राजस्व परिषद के निर्देशों पर शुरू होने वाले इस अभियान को छह चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 16 से 22 जनवरी के बीच ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, भू-प्रबंधन समिति और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में खातेदारों के गाटों का अंश पढ़कर सुनाया जाएगा, ताकि मौके पर ही आपत्तियां दर्ज कराई जा सकें।
आपत्तियों पर होगी सख्त पड़ताल
23 जनवरी से 7 फरवरी तक लेखपाल प्राप्त आपत्तियों के आधार पर अभिलेखों की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद 8 से 22 फरवरी तक राजस्व निरीक्षक स्तर पर मामलों की समीक्षा कर संस्तुति दी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की त्रुटि शेष न रह जाए।
तहसीलदार लेंगे अंतिम फैसला
23 फरवरी से 4 मार्च के बीच तहसीलदार स्तर पर विवादित प्रकरणों की सुनवाई कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। इसके बाद 5 से 11 मार्च तक स्वीकृत मामलों में संशोधन आदेश जारी किए जाएंगे।
खतौनी में होगी सही प्रविष्टि
अभियान के अंतिम चरण में 12 से 15 मार्च तक संशोधन आदेशों के अनुसार खतौनी में अंतिम प्रविष्टि कराई जाएगी। सभी प्रकरण ‘भूलेख खतौनी अशुद्धि सुधार’ पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होंगे। न्यायालयों से जुड़े मामलों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि खातेदार तय रोस्टर के अनुसार उपस्थित हो सकें।
हर हफ्ते होगी समीक्षा, जिम्मेदारी तय
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। तय समय-सीमा में काम पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान से अंश निर्धारण से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और खातेदारों को वर्षों से चली आ रही परेशानी से मुक्ति मिलेगी।


