Mumbai। भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं आशा भोसले को कुछ दिन पहले मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार के अनुसार, उन्हें पहले सीने में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा, लेकिन संक्रमण बढ़ने और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के चलते उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की और बताया कि अंतिम संस्कार सोमवार शाम चार बजे मुंबई में किया जाएगा।
संगीत की दुनिया में अपूरणीय क्षति
आशा भोसले का करियर भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने 6 दशकों से अधिक समय तक अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई। पार्श्व गायन में उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हर शैली—रोमांटिक, क्लासिकल, कब्बाली और पॉप—में विशिष्ट पहचान दिलाई।
सम्मान और उपलब्धियां
अपने शानदार करियर में उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया, जबकि वर्ष 2000 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सात बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, IIFA सम्मान और BBC लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला।
सदाबहार गीतों की विरासत
उनकी आवाज में गाए गए गीत “इन आंखों की मस्ती के”, “दिल चीज क्या है”, “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “पिया तू अब तो आजा” जैसे कई गीत आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनकी गायकी ने नई पीढ़ियों को भी संगीत से जोड़े रखा।
संगीत परिवार की विरासत
आशा भोसले प्रसिद्ध मंगेशकर परिवार से थीं। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक प्रतिष्ठित संगीतकार और रंगमंच कलाकार थे। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर भारतीय संगीत की सबसे महान गायिकाओं में मानी जाती हैं।
निजी जीवन
उनका निजी जीवन भी संघर्षों से भरा रहा। उनकी पहली शादी गणपतराव भोसले से हुई थी, जो सफल नहीं रही। बाद में उन्होंने संगीतकार R. D. Burman से विवाह किया।आशा भोसले के निधन से भारतीय संगीत जगत ने अपनी एक अमूल्य धरोहर खो दी है।


