स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा नया बल
आईआईटी कानपुर के इनक्यूबेशन मॉडल के विस्तार से स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया गया।
Lucknow। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए बड़ा विजन पेश किया है। ‘इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए।
आईआईटी कानपुर के साथ मजबूत होगी नवाचार की नींव
बैठक में आईआईटी कानपुर के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे क्षेत्रों में तेजी लाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय से नवाचारों को जमीन पर उतारा जाएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मेड-टेक और ग्रीन हाइड्रोजन पर खास फोकस
मेड-टेक सेक्टर में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की योजना है, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष प्रस्तावित है। वहीं, ग्रीन हाइड्रोजन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
आयुर्वेद को मिलेगा वैज्ञानिक आधार
मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश का पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर जोर दिया। इससे आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाण और शोध को मजबूती मिलेगी।
ड्रोन और क्वांटम टेक्नोलॉजी में बढ़त
ड्रोन तकनीक में स्वदेशीकरण पर बल देते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश को ड्रोन निर्माण और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने की बात कही। साथ ही क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की जरूरत बताते हुए इसमें निवेश और शोध को बढ़ाने के निर्देश दिए।


