Kanpur । देश की राजधानी दिल्ली और जम्मू जैसे संवेदनशील शहरों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले ही हाई अलर्ट मोड में हैं। ऐसे में गुरुवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए रोहिंग्या संदिग्धों ने खुफिया एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में नियमित चेकिंग के दौरान आरपीएफ ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया, जो प्रारंभिक जांच में अवैध घुसपैठ में शामिल पाए गए हैं।
हिरासत में लिए गए सभी मूल रूप से म्यांमार के निवासी बताए जा रहे हैं। इनमें एक युवती और दो युवक शामिल हैं, जिनकी उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच है। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे वर्ष 2017 में बांग्लादेश पहुंचे थे और पिछले एक वर्ष से अवैध तरीके से भारत में रहकर मजदूरी कर रहे थे।
सिलचर से दिल्ली और फिर जम्मू
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों असम के सिलचर से ट्रेन में सवार हुए थे और गुवाहाटी, जलपाईगुड़ी एवं प्रयागराज होते हुए कानपुर पहुंचे। इनके मोबाइल एवं जब्ती किए गए अन्य दस्तावेजों की जांच में दिल्ली के अलावा जम्मू जाने का इनका प्लान सामने आया है। इससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और इनके नेटवर्क की कड़ियां तलाशने की कोशिश की जा रही है।
जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त प्रेस वार्ता में पुष्टि की कि तीनों रोहिंग्या समुदाय के सदस्य हैं। भारत में अवैध घुसपैठ, पहचान छुपाने और संदिग्ध यात्रा के उद्देश्य को लेकर गहन पूछताछ जारी है। मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
संदिग्ध रोहिंग्या: कनेक्शन की तलाश
पिछले एक वर्ष से भारत में मजदूरी
दिल्ली और जम्मू जाने की थी योजना
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी
नेटवर्क और फंडिंग की तलाश में एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। ऐसे में उत्तर भारत की दिशा में इनकी यात्रा कई सवाल खड़े कर रही है। संभवतः एनआईए और आईबी भी अब जांच में शामिल हो सकती हैं।


