Kanpur । 21 दिसंबर 2025। रविवार को विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के संरक्षण में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओ, शिक्षकों के साथ विश्वविद्यालय के माननीय प्रतिकुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार अवस्थी जी ने सामूहिक ध्यान का अभ्यास किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के माननीय प्रतिकुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार अवस्थी जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर माननीय प्रति कुलपति ने सर्वप्रथम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया जिनके नेतृत्व में देश का आध्यात्मिक और योगानुकूल वातावरण विनिर्मित हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने जहां एक ओर नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
, वही दूसरी ओर सनातन संस्कृति से जुड़े हुए विषय भी अपनी प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का वातावरण योग और ध्यान से परिपूर्ण हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बाद यह द्वितीय बड़ी उपलब्धि है, जहां पर हम सभी लोग सामूहिक रूप से ’अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस’ मना कर ध्यान और योग के महत्व से अवगत और लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ध्यान की परंपरा सभी सम्प्रदायों में पायी जाती है। बौद्ध और जैन दर्शन में यह ध्यान की परंपरा बहुत ही प्रचलित और जनसामान्य से लिए लिए उपलब्ध है।
उन्होंने बौद्ध की ’विपश्यना ध्यान परंपरा’ पर विशेष प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर राम किशोर ने बताया कि कुलपति की प्रेरणा से विश्वविद्यालय परिसर में योग की ओपीडी संचालित है, जिसमें प्रातः 7ः30 बजे से 10ः00 बजे तक विभिन्न प्रकार के रोगियों का उपचार योग की विधाओं से किया जाता है।
यहां पर योग से बीएससी, एमएससी, एमए, और 1 वर्ष का पीजीडिप्लोमा भी संचालित है। इस अवसर पर अंतरर्राष्ट्रीय छात्र प्रमुख डॉ विकास सैनी, शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर श्रवण कुमार यादव, क्रीडा सचिव श्रीतमी निमिषा सिंह कुशवाहा, डॉ राघवेंद्र चतुर्वेदी, शोधछात्र श्री अनिल कुमार यादव, सूरज यादव, विशाल योग ओपीडी के अभ्यासी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


