Kanpur । रेलवे पुलिस की लगातार सक्रिय कार्रवाई का नतीजा सामने आया है। जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने शातिर अपराधी सिद्धू मामा उर्फ अली अकबर को न्यायालय में दोषी करवा कर कानून के शिकंजे में कस दिया। थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन कन्विक्शन ने इस मामले में अहम सफलता दिलाई।
सिद्धू मामा, पुत्र छमगन खान, सीपीसी कॉलोनी, माल गोदाम कच्ची बस्ती, थाना कलक्टरगंज का निवासी है और मजारिया का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह ट्रेनों में यात्रियों की पहचान टिकट के माध्यम से कर मौका पाकर छिनैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
अक्सर अपने साथियों से अपराध कराता था, जिससे रेलवे और शहर में यात्रियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता था। 11 दिसंबर 2024 को चोरी और लूट के मामलों में बरामद माल के साथ सिद्धू मामा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल में रहते हुए पुलिस ने प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य, समयबद्ध आरोप पत्र और मजबूत पैरवी के दम पर न्यायालय में उसके अपराधों को सिद्ध किया।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ ट्रेनों में हुई कई छिनैती और चोरी की वारदातों के साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए। अदालत ने सभी सबूतों को तौलते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। जीआरपी की इस सफलता से यात्रियों और आम जनता में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे पुलिस ऐसे शातिर अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करती रहेगी और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि अपराधियों को जेल और न्याय से बचना अब मुश्किल है।


