Kanpur । चकेरी थाना पुलिस ने ₹1600 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच में असहयोग और बाधा डालने के आरोप में एचडीएफसी बैंक की लाल बंगला शाखा के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से बैंकिंग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
मामला एक लूट की घटना की जांच के दौरान सामने आया, जब पुलिस की विवेचना धीरे-धीरे एक बड़े वित्तीय नेटवर्क तक पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस को करीब ₹1600 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न बैंकों के 68 खातों को चिन्हित किया, जिनमें पिछले कुछ वर्षों में भारी रकम का लेनदेन हुआ था। इन खातों की गतिविधियों ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
इन खातों से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए चकेरी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे। आरोप है कि एचडीएफसी के अधिकारियों ने न तो समय पर जवाब दिया और न ही मांगे गए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। पुलिस का कहना है कि बैंक का रवैया लगातार टालमटोल भरा रहा, जिससे जांच की गति प्रभावित हुई।
सब-इंस्पेक्टर कुलदीप की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में स्पष्ट कहा गया है कि बैंक के इस असहयोगपूर्ण रवैये के कारण महत्वपूर्ण साक्ष्य समय पर एकत्र नहीं हो सके। इससे न केवल विवेचना प्रभावित हुई, बल्कि संदिग्ध लेनदेन की परतें खोलने में भी देरी हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि इतने बड़े वित्तीय मामले की जांच में बाधा डालने से जुड़ा है। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों का संबंध किसी संगठित अपराध गिरोह, हवाला नेटवर्क या अन्य अवैध गतिविधियों से तो नहीं है।
चकेरी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


