Kanpur । मातृछाया गुरुकुलम में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ श्री बांके बिहारी जी एवं राधा रानी जी के मंदिर की विधिवत स्थापना की गई। प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य मूर्तियों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। इसके उपरांत मूर्तियों का भव्य भ्रमण (भ्रमण यात्रा) भी कराया गया,।

जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सहभागिता की। सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गूंज उठा।मंदिर स्थापना के पश्चात संस्थान के चेयरमैन रोहित मिश्रा एवं शिल्पा मिश्रा द्वारा बिठूर स्थित विभिन्न प्रमुख मंदिरों का भी भ्रमण कराया गया। इस आध्यात्मिक यात्रा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का दर्शन किया।कार्यक्रम के अंतर्गत कथा वाचन का आयोजन किया गया, जिसमें सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य रविशंकर (किंकर जी ) महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण, उनके दिव्य उद्देश्य तथा बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म, प्रेम और करुणा का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भाव-विभोर होकर सहभागी बने।


