Sunday, August 31, 2025
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Kanpur : अवैध शस्त्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी, कानपुर बना निगरानी का केंद्र

Kanpur। कानपुर अब सिर्फ़ उद्योग और शिक्षा का नहीं, बल्कि वैधानिक शस्त्रों का भी बड़ा केंद्र माना जा रहा है। ज़िले में जहाँ 39 हज़ार से ज़्यादा लोग व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस रखते हैं, वहीं 71 अधिकृत शस्त्र विक्रय स्थल भी सक्रिय हैं। ऐसे में अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण पर लगाम कसना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
शनिवार को कैंप कार्यालय में हुई जिलास्तरीय टास्क फोर्स बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ़ कहा—“बिना लाइसेंस हथियार रखना अपराध है। आयुध (संशोधन) अधिनियम-2019 के तहत अब सज़ाएँ और भी कठोर कर दी गई हैं।
सख़्त कानूनी प्रावधान
बिना लाइसेंस हथियार रखने पर 2 से 5 साल तक की जेल और जुर्माना।
अवैध निर्माण, बिक्री या तस्करी पर 7 साल से आजीवन कारावास।
निषिद्ध हथियारों से जुड़े अपराधों में 10 साल से आजीवन कारावास।
दो से अधिक शस्त्र रखने वालों को एक साल में अतिरिक्त हथियार जमा करना अनिवार्य।
 प्रशासन का नया फोकस डीएम ने आदेश दिया कि—सभी शस्त्र विक्रय केन्द्रों और गोला-बारूद निर्माण इकाइयों की नियमित जांच होगी।शस्त्रों की वरासत प्रक्रिया में निवास और पते की कड़ी जाँच होगी।स्पोर्ट्स शस्त्र लाइसेंस लेने वाले खिलाड़ियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार होगा।संवेदनशील इलाकों से एलआईयू इंटेलिजेंस रिपोर्ट जुटाएगी। क्यों ज़रूरी है यह सख़्ती?
कानपुर नगर वैधानिक शस्त्र व्यापार का प्रदेश में प्रमुख केंद्र है। बड़ी संख्या में लाइसेंसी शस्त्र और बिक्री स्थल होने के कारण अवैध कारोबार को छुपाना आसान हो जाता है। प्रशासन अब इस चेन को तोड़ने की तैयारी में है ताकि गैर-कानूनी हथियारों का इस्तेमाल अपराध जगत में न हो पाए।बैठक में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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