मेडिकल कॉलेज को मिला पहला महिला शरीर
Kanpur। युग दधीचि देहदान अभियान के रूप में जे के कॉलोनी कानपुर से वर्ष 2003 में मनोज सेंगर एवम माधवी सेंगर द्वारा प्रारंभ किए गए चिकित्सा जगत को देह समर्पित करने के अनूठे अभियान ने अब पूरे प्रदेश को अपने कार्यक्षेत्र में ले लिया है इसी के अंतर्गत देहदान महायज्ञ में आज 317वीं आहुति के रूप में दुर्गादेवी रोड, गांधी नगर कानपुर निवासी 72 वर्षीय श्रीमती आशा तिवारी की पार्थिव देह राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत को समर्पित की गई, पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को यह पांचवीं देह युग दधीचि देहदान अभियान द्वारा कानपुर से लाकर समर्पित की गई है।

18 साल बाद पूरा हुआ संकल्प* आशा जी ने आज से 18 साल पहले वर्ष 2008 में देहदान शपथपत्र भरा था एवं बीच बीच में परिवार को सख्त ताकीद करती रहतीं थीं कि उनका देहदान अवश्य कराया जाए, कल 9 फरवरी को देर शाम संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन होने पर परिजनों द्वारा अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना देकर देहदान संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया गया, सेंगर ने अपनी पत्नी एवं अभियान की महासचिव माधवी सेंगर से परामर्श कर देह को पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को देने का निश्चय किया और रात में ही समस्त आवश्यक परिपत्र पूर्ण करने के बाद सेंगर दंपति दिवंगत आशा जी के निवास पर 10 फरवरी को सुबह एंबुलेंस लेकर पहुंचे और पार्थिव देह की आरती, पुष्पांजलि एवं शांतिपाठ करा कर प्रातः साढ़े नौ बजे कानपुर से चले और शाम साढ़े चार बजे पीलीभीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां प्राचार्या डॉ संगीता अनेजा, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना सिंह, उप प्राचार्य डॉ अरुण सिंह, डॉ फरीद जी एवं अन्य सहयोगी चिकित्सकों द्वारा देह को सम्मान सहित स्वीकार किया गया।
*कॉलेज को मिला पहला महिला शरीर*।
इस अवसर पर मेडिकल कालेज प्राचार्या डॉ संगीता अनेजा ने सेंगर दंपति का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कॉलेज को पहला महिला शरीर दान में मिला है जो कि चिकित्सकीय दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है, यहां उपस्थित छात्रों ने दिवंगत देहदानी को पुष्प चढ़ाते हुए श्रद्धांजलि समर्पित की।
कानपुर में देह समर्पण के समय स्वo आशा तिवारी के देवर अरुण प्रकाश तिवारी, बहन ऊषा अवस्थी, देवरानी साधना तिवारी एवं बड़ी संख्या में इष्टमित्र उपस्थित रहे,
विगत दिनों हुए देहदान ज्ञातव्य है कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को पहला देहदान 17 अक्टूबर 2024 को दीन दयाल नगर कानपुर निवासी राम प्यारे शुक्ल एवं दूसरा देहदान 5 मार्च 2025 को गांधी ग्राम जी टी रोड कानपुर निवासी प्रेम चंद पाठक, तीसरा देहदान एक अगस्त 2025 को फतेहपुर निवासी रामशंकर गुप्ता एवं चौथा देहदान 16 अगस्त 2025 को कानपुर देहात निवासी शंकरलाल जी का हुआ, आज आशा तिवारी के रूप में पांचवीं देह समर्पित की गई है, अभियान के अंतर्गत यह 317वी देह समर्पित की गई है।


