आरोपियों से जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। शहर में ही सप्लाई की पूरी तैयारी थी। अब सरगना और नेटवर्क पर शिकंजा कसा जाएगा। -अतुल कुमार, इंस्पेक्टर
Kanpur । न्यू ईयर की रेव पार्टियों में नशे की बड़ी खेप खपाने की तैयारी थी, लेकिन सप्लाई से पहले ही एनसीबी ने धावा बोलकर 10 किलो चरस बरामद कर ली। 5 करोड़ कीमत की इस चरस को शहर में अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचाया जाना था, जिससे पार्टियों में नशे का इंतजाम हो सके।
लखनऊ एनसीबी को इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क की इस खेप के बारे में इनपुट मिला था। इसके बाद आरपीएफ के साथ सेंट्रल स्टेशन पर जाल बिछाया गया और वैशाली एक्सप्रेस से आए दो तस्करों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल के पर्सा निवासी रामपुकार और बिहार की महिला राजमती देवी शामिल हैं।
दोनों को डिलीवरी कैरियर की भूमिका में रखा गया था। टीम ने कड़ी पूछताछ की, जिसमें सामने आया कि खेप शहर में मौजूद मेन सप्लायर को सौंपी जानी थी।
सूत्रों की मानें तो पकड़े गए दोनों सिर्फ मोहरे हैं, जबकि असली सरगना परदे के पीछे से अब भी खेल खेल रहा है। एनसीबी अब बड़े नामों को बेनकाब करने की तैयारी में जुटी है।
सप्लाई का पूरा नेटवर्क शक के घेरे में
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गैंग नेपाल-बिहार के रास्ते नशे की खेप भारत के कई शहरों तक पहुंचाता है। ऑर्डर मिलते ही माल भेजा जाता है और नए साल के जश्न में नशे की मांग भी काफी बढ़ जाती है।
शहर में सक्रिय कनेक्शन की तलाश में कई जगह दबिशें शुरू कर दी गई हैं।


