Kanpur । शहर के व्यस्त फूलबाग इलाके स्थित नेहरू युवा केंद्र के पास सोमवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने मंडी का पूरा हिस्सा जला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग मंडी के एक कोने में भड़की और कुछ ही मिनटों में फैल गई। इस दौरान कई सिलेंडर में धमाके भी हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण पोल से शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
फल मंडी में फलों की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले लकड़ी के खोखे, गत्ते के डिब्बे, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री की बड़ी मात्रा रखी हुई थी। तेज हवाओं की वजह से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई दुकानें, गोदाम और थोक स्टोर जलकर राख हो गए। स्थानीय व्यापारियों ने शुरुआती दौर में खुद पानी और साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के आगे यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ।

व्यापारियों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद मौके पर केवल एक फायर टेंडर पहुंचा। पहले वाहन का पानी जल्दी खत्म हो गया और अतिरिक्त वाहन बुलाने में देर हो गई। कई व्यापारियों ने निजी संसाधनों से आग पर काबू पाने में मदद की। कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल टीम ने आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक करोड़ों रुपये का माल जलकर राख हो चुका था।
यह फल मंडी कानपुर के प्रमुख थोक बाजारों में से एक है। यहां रोजाना सैकड़ों टन फल और सब्जियों का कारोबार होता है। आग में फलों के स्टॉक के साथ-साथ महंगे उपकरण, फर्नीचर और अन्य सामान भी नष्ट हो गए। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि उनकी जीवनभर की कमाई इस आग में स्वाहा हो गई। नुकसान कई करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है।
घटना के बाद मंडी क्षेत्र में व्यापारियों का भारी रोष देखा गया। उन्होंने प्रशासन और दमकल विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाए। व्यापारियों ने मंडी में स्थायी फायर स्टेशन और अतिरिक्त अग्निशमन साधनों की मांग की। बिजली विभाग से भी पुरानी लाइनें और ओवरलोडेड कनेक्शन ठीक करने की अपील की गई।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रभावितों को मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने आग के कारणों की गहन जांच का भरोसा दिया। यह घटना कानपुर की बाजार सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है और बड़े बाजारों में नियमित फायर ड्रिल, आधुनिक अग्निशमन उपकरण और बुनियादी ढांचे की मरम्मत की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


