Kanpur । पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने शनिवार को गोविंद नगर स्थित श्री मुनि इंटर कॉलेज में आयोजित वीर बाल दिवस शहीदी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपनी अंतिम सीमा पार कर रहा है और भारत किसी भी चुनौती को बर्दाश्त नहीं करेगा।
दिनेश शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान में ऑपरेशन हो चुका है और बांग्लादेश को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि हिंदुओं पर अत्याचार कर भारत को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और इस दिशा में राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत भी जारी है।
उन्होंने भारत के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने 99 गालियां सहने के बाद सुदर्शन चक्र उठाया था, जो यह दर्शाता है कि भारतीयों ने हमेशा अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कदम उठाए हैं।
ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर दिनेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी में न जाति है, न धर्म और न क्षेत्र। सभी कार्यकर्ताओं को समान सम्मान के साथ “जी” कहकर बुलाया जाता है।
उन्होंने विधायक महेश त्रिवेदी और क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी में किसी को उनके उपनाम या जाति के आधार पर नहीं देखा जाता।
एसआईआर प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि पहले इसके विरोध करने वाले अब स्टॉल लगाकर फॉर्म भरवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की पारदर्शिता इस बार अधिक है, इसलिए विपक्ष को आपत्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासन में भी ऐसी प्रक्रियाएँ होती रही हैं, लेकिन खुलापन इस बार ज्यादा है।
दिनेश शर्मा ने गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और गुरु की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए और मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उनका बलिदान राष्ट्र, धर्म और गुरु सम्मान के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा।कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दिनेश शर्मा ने बच्चों को वीरता और राष्ट्रभक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।


