Kanpur । रणजी टीम के आखिरी दो मैचों के लिए सोमवार को जारी की गयी टीम में यूपीसीए उपाध्यक्ष के बेटे का नाम शामिल होने के बाद काफी हंगामा मचा। इसके बाद बुधवार को उन्होंने स्वयं अपने बेटे का नाम रणजी टीम से वापस ले लिया है। यूपीसीए के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने इसके लिए यूपीसीए को ईमेल डालकर सूचित किया है। जिसकी पुष्टि यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने की है।
उत्तर प्रदेश की टीम 22 जनवरी को रणजी ट्रॉफी के दूसरे चरण की शुरुआत लखनऊ के इकाना स्टेडियम में झारखंड के खिलाफ करने जा रही है। जबकि लीग का आखिरी मैच उसे 29 जनवरी से विदर्भ के खिलाफ नागपुर में खेलना है। इन दोनों मुकाबलों के लिए यूपीसीए ने सोमवार को टीम की घोषणा की थी।
जिसमें यूपीसीए के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा के बेटे नलिन मिश्रा का नाम भी शामिल था। लोढ़ा समिति के नियमों के तहत कोई भी वर्तमान पदाधिकारी का सगा-संबंधी टीम में नहीं शामिल हो सकता। जिसके बाद मीडिया में काफी हंगामा मचा। नतीजन राकेश मिश्रा ने ईमेल कर स्वयं अपने बेटे का नाम टीम से वापस ले लिया है। उनके द्वारा की गयी ईमेल में बताया गया कि उनका बेटा वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश के लिए खेल रहा है।
उसने वीनू माकड ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और वर्ष 2019 में रणजी ट्रॉफी में भी प्रतिभाग किया था। साथ ही वर्ष 2024 व 2025 में हुई यूपी टी-20 लीग में वह शामिल था। सोमवार को जारी रणजी टीम में उसका नाम शामिल होने से हितो के टकराव का मामला सामने आने के बाद मैं पारदर्शिता बरतते हुए अपने बेटे का नाम टीम से वापस ले रहा हूं। उन्होंने यह ईमेल यूपीसीए के अलावा बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को भी प्रेषित किया है।


