Kanpur । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को कानपुर पहुंचे। यहां एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक तरीके से किया जा रहा है। अवैध निर्माण के मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि गरीबों और विपक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था का मतलब सभी के लिए समान नियम होना चाहिए। यदि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो वह बिना भेदभाव के होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कार्रवाई का तरीका सवालों के घेरे में है और इससे आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में “लॉ अलग दिशा में चल रहा है और ऑर्डर अलग दिशा में।
एआई, सुरक्षा और नागरिकता के मुद्दों पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन देश में इसके लिए मजबूत इकोसिस्टम और आधारभूत ढांचा तैयार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, कई आयोजनों में विदेशी तकनीक को दिखाकर उसे स्वदेशी उपलब्धि के रूप में पेश किया जाता है, जिससे वास्तविक स्थिति छिप जाती है।

उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक चिंताजनक है। उनका कहना था कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन होते हैं, तब सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए। इसके अलावा नागरिकता और कागजों की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पहले लोगों को कागज दिखाने की बात की जाती थी, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि कई लोग अपने ही दस्तावेज ढूंढने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वोटर है तो वह इस देश का नागरिक भी है और उसे अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
धार्मिक मुद्दों और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने धार्मिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि धार्मिक गुरुओं और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। शंकराचार्य से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी पूजनीय व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार समाज में गलत संदेश देता है। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या सहित कई स्थानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में लोगों को पर्याप्त नोटिस तक नहीं दिया जाता।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों को अवैध निर्माण के मामलों में राहत मिल जाती है, जबकि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और जनता सब कुछ देख रही है।
कानपुर के विकास, उद्योग और गंगा सफाई का वादा
कानपुर के विकास पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह शहर कभी देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र हुआ करता था। यहां की मिलें और फैक्ट्रियां बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देती थीं, लेकिन अब कई उद्योग बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर बंद पड़ी मिलों को दोबारा चालू करने और नए उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम, महंगी बिजली और आवारा पशुओं की समस्या से लोग परेशान हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि कानपुर को फिर से एक व्यवस्थित और विकसित शहर बनाया जा सके।
गंगा की सफाई को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि आज भी गंगा पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो सकी है। उन्होंने वादा किया कि भविष्य में गंगा की वास्तविक सफाई के लिए प्रभावी योजना लागू की जाएगी और कानपुर को सौंदर्य की दृष्टि से भी बेहतर शहर बनाया जाएगा। उनके अनुसार, जनता अब केवल घोषणाएं नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम देखना चाहती है।


