मदिरा खरीद के दृश्य और भुगतान विवरण से हुई पहचान, उपनिरीक्षक का पैर टूटा
Kanpur । गंगा बैराज पर बीती मंगलवार शाम मदहोश कार सवार युवकों ने जाँच के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। इस घटना में उपनिरीक्षक पूरन सिंह का बायां पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि अटल घाट चौकी प्रभारी संजय कुमार और होमगार्ड हरिप्रकाश दुर्घटना से बाल-बाल बच गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रामा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत दो अभियुक्तों को पकड़ लिया है, जबकि उनके तीन साथी अभी भी फरार हैं।

घटना 23 दिसंबर की शाम की है। कोहना थाना प्रभारी प्रतीक सिंह यातायात पुलिस बल के साथ बैराज पर नाकेबंदी कर वाहनों की जाँच कर रहे थे। तभी उन्नाव की दिशा से तेज गति में आ रही एक कार, रुकने के बजाय बैरिकेडिंग तोड़ते हुए सीधे पुलिसकर्मियों की ओर बढ़ गई। यह देखकर पुलिस कर्मी तुरंत किनारे हटे, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
वारदात के बाद अभियुक्त कार को फजलगंज स्थित एक सेवाकेन्द्र में खड़ी कर वहाँ से भाग निकले। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह के निर्देशन में पाँच दल गठित किए गए।भुगतान विवरण और छायाचित्र से मिली कड़ी जाँच में यह जानकारी मिली कि घटना से पूर्व सभी आरोपी उन्नाव में एक मदिरा दुकान से शराब लेकर आए थे।
पुलिस ने दुकान पर लगे दृश्यांकन उपकरण के चित्र खंगाले। वहाँ मदिरा खरीदते हुए युवकों के चेहरे स्पष्ट मिले। भुगतान मोबाइल माध्यम से किया गया था, जिसके आधार पर बैंक विवरण और फिर अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित की गई।
तकनीकी जांच के आधार पर रामा विश्वविद्यालय के छात्र श्याम सुंदर (23) और अभिजीत (22) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में श्याम ने स्वीकार किया कि नशे में होने और साथी के चित्र लेने के कारण उन्हें बैरिकेडिंग दिखाई नहीं दी।
फरार तीन युवकों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि शेष तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उनके विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि क़ानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।


