10 विकास खंडों हेतु जन उपयोगी योजना के लिए 96.85 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त”
Kanpur ।जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में परिषदीय प्राथमिक, राजकीय उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन एवं एलटी लाइनों को हटाए जाने संबंधी जनपद स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि विद्यालय प्रांगण में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की विद्युत लाइन का गुजरना अत्यंत संवेदनशील विषय है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहां की जनपद के 1705 प्राथमिक विद्यालय, 113 सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालय तथा 21 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। सर्वे के दौरान एक भी विद्यालय छूटने न पाए । जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में नगर के 10 विकास खंडों के लिए 96.85 लाख रूपये की धनराशि शासन से अवमुक्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत जन-उपयोगी एवं महत्वपूर्ण योजना है जिसे आगामी दो माह की अवधि में पूर्ण किया जाना है।
सरसौल विकासखंड के अंतर्गत
1. प्राथमिक विद्यालय भदासा,
2. उच्च प्राथमिक विद्यालय भदासा,
3. प्राथमिक विद्यालय शिशुपुर,
4. प्राथमिक विद्यालय कुन्दौली (100 KVA TIF शिफ़्टेड – Outside Shifted)
इन विद्यालयों से एलटी लाइन हटाने की कार्यवाही बिजली विभाग द्वारा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि इस अगस्त, सितंबर 2 माह के अभियान में एक भी विद्यालय छुटने न पाए यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित करते हुए स्पष्ट कहा कि इस सर्वे में एक भी विद्यालय छूटना नहीं चाहिए। सभी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कराकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।सर्वे कार्य के दौरान प्रत्येक विद्यालय का नाम, स्थान, जिले से दूरी, विद्यालय के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का प्रकार तथा प्रधानाचार्य का नाम अंकित करते हुए एक डिजिटल डायरी तैयार की जाएगी। यह अभियान अगस्त से सितंबर माह तक चलेगा और समय-समय पर इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सर्वे में जाने वाले ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एक प्रमाण-पत्र देंगे कि जिन विद्यालयों का उन्होंने निरीक्षण किया है वहां से कोई विद्युत तार नहीं गुजर रहा है। इस प्रमाणन से रिपोर्ट को प्रामाणिकता एवं विश्वसनीयता मिलेगी।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि केवल विद्युत लाइनों तक ही सीमित न रहकर, विद्यालय प्रांगण में स्थित ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल अथवा अन्य विद्युत संरचनाओं की भी विस्तृत जानकारी सर्वे रिपोर्ट में दर्ज की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए और विद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष राय, अधिशासी अधिकारी दक्षिणांचल समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।