कौशांबी के प्राथमिक विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के चाकू-चापड़ लेकर स्कूल पहुंचने और कथित धमकी देने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बच्चों और शिक्षकों में दहशत के बीच अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
Fatehpur । उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय से ऐसा मामला सामने आया जिसने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग सभी को हैरान कर दिया। यहां एक महिला शिक्षिका कई दिनों तक चाकू और चापड़ लेकर स्कूल पहुंचती रहीं। जब उनका हथियार लहराते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बच्चों के बीच दहशत फैल गई और अभिभावकों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
मामला कड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय लुकिया का है। यहां तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिखा सिंह पिछले तीन-चार दिनों से अपने साथ धारदार हथियार लेकर विद्यालय आ रही थीं। वायरल वीडियो में वह स्कूल परिसर में कुर्सी पर बैठी दिखाई देती हैं। उनके हाथ में चाकू और चापड़ जैसे धारदार हथियार हैं। वीडियो में वह यह भी कहती सुनाई देती हैं कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हथियार लेकर आई हैं और अगर किसी ने उन्हें परेशान किया तो वह उसे “काट डालेंगी”।
शिक्षिका के इस व्यवहार से विद्यालय का माहौल पूरी तरह बदल गया। छात्र-छात्राएं सहमे हुए नजर आने लगे और कई बच्चों ने स्कूल आने से भी कतराना शुरू कर दिया। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। स्कूल के अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी असहज महसूस कर रहे थे। कुछ कर्मचारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षिका का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था और इसी कारण सभी लोग उनसे दूरी बनाकर रख रहे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी नीरज कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों से जानकारी जुटाई और पूरे प्रकरण की सूचना बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी। अधिकारियों ने महिला शिक्षिका के पति से भी संपर्क किया। बताया गया कि उनकी मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। इसके बाद उन्हें भी विद्यालय बुलाकर स्थिति की जानकारी ली गई।
फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालय में बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो का मामला नहीं, बल्कि स्कूलों में सुरक्षा और कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी कर्मचारी के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो समय रहते चिकित्सकीय जांच और प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय का सामान्य माहौल दोनों बनाए रखे जा सकें।


