Kanpur । कर्नल सीके नायडू ट्राफी लीग चरण के अंतिम मुकाबले में उप्र ने चंडीगढ़ पर पांच विकेट की जीत हासिल कर नाकआउट की उम्मीदों को बरकरार रखा है। स्पिनरों की मददगार ग्रीन पार्क की पिच पर चंडीगढ़ के पहली पारी में 170 रनों के जवाब में उप्र ने 260 रन बनाकर चंडीगढ़ पर 90 रनों की अहम बढ़त हासिल की थी।
मैच के तीसरे दिन चंडीगढ़ की दूसरी पारी को 185 रनों पर समेटने के बाद उप्र ने चंडीगढ़ के 96 रनों के लक्ष्य पांच विकेट के नुकसान पर हासिल किया। तीन दिन में मेजबान उप्र और मेहमान चंडीगढ़ के कुल मिलाकर गिरे 35 विकेट में 25 स्पिनरों की झोली में आए।
रविवार को मैच के तीसरे दिन चंडीगढ़ ने चार विकेट पर 78 रनों से आगे खेलना शुरू किया। चंडीगढ़ की ओर से कप्तान आरुष (20) पर विजय कुमार का शिकार हुए। देवांश (19) को भी विजय ने चलता किया। अधिराज (4) पर शुभम की गेंद पर पगबाधा हुए। निशंक (0) और आर्यन दुग्गल (13) पर शुभम मिश्रा की गेंद पर पवेलियन लौटे। चंडीगढ़ की दूसरी पारी को 185 रनों पर समेटने में उप्र के गेंदबाज विजय और शुभम के चार-चार और अक्षु के दो विकेट का योगदान रहा।
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रितुराज ने बचाई लाज, दिलाई जीत
चंडीगढ़ के 96 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरे दिन कप्तान आदर्श सिंह (8) पर निशंक की गेंद पर एक छक्का लगाने के बाद क्लीन बोल्ड हुए। बतौर कप्तान घरेलू मैदान में आदर्श ने दूसरी पारी में भी निराश किया। कप्तान को पवेलियन की राह दिखाने वाले निशंक ने दूसरा शिकार पहली पारी के हीरो काव्य तेवतिया (5) को बनाया। इसके बाद सिद्धार्थ चौधरी (0) और अली जफर मोहसिन (1) पर जसकीरत की अंदर आती गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए।
।वहीं, अर्जुन (9) पर इवराज का शिकार हुए। लगातार गिरते विकेटों के बीच रितुराज (63) और कार्तिकेय (12) ने टीम को 33.3 ओवर में जीत दिलाई। एक समय लग रहा था कि उप्र के 96 रनों का लक्ष्य भी मुश्किल हो जाएगा। तब एक छोर पर डटकर खेलते हुए रितुराज शर्मा ने 95 गेंदों पर सात चौके और दो छक्कों क मदद से 63 रनों की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली।

