एक आरोपी जेल, दूसरा फरार
Kanpur । थाना चकेरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बनकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का गंभीर मामला सामने आया है। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे फर्जी फर्म बनाकर करीब दो करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि स्वयं को पीएमओ अधिकारी बताने वाला उसका साथी अभी फरार है।
गिरिजनगर निवासी उमाशंकर ने थाना चकेरी में दर्ज कराई गई तहरीर में बताया कि उनके घर के पास मेडिकल स्टोर संचालित करने वाला आदित्य सिंह “एसएसआरए” नाम की फर्जी फर्म के जरिए निवेश का झांसा देता था। उसने सरकारी योजनाओं से जुड़ाव और मोटे मुनाफे का लालच देकर उमाशंकर समेत उनके साथियों अनिल, योगेंद्र, आदित्य गुप्ता और समर शुक्ला से निवेश कराया।
पीड़ित के अनुसार, अधिक लाभ की उम्मीद में उन्होंने अपना प्लॉट बेच दिया और करीब 15 लाख रुपये के आभूषण गिरवी रखकर आरोपी को धनराशि दी। वर्ष 2021 से 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में आरोपियों ने लगभग दो करोड़ रुपये की रकम हड़प ली।
आरोप है कि आदित्य का साथी रोहित खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताता था। उसने भरोसा कायम करने के लिए केंद्रीय केवाईसी पंजीकरण, भारतीय रिजर्व बैंक का कथित पत्र, कंपनी पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, प्रधानमंत्री के नाम से बना जाली पत्र, कंपनी खाते की जानकारी और अन्य कूटरचित कागजात दिखाए।
जब लंबे समय तक न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस हुआ, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। जांच के बाद पुलिस ने अहीरवां निवासी आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्रयुक्त सभी दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।


