Kanpur । कानपुर चर्चित रंगदारी और फर्जी मुकदमे से जुड़े मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी। यह मामला भाजपा नेता रवि सतीजा की शिकायत के बाद सामने आया था, जिसके बाद से यह प्रकरण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि पूरे मामले में कई आरोप ऐसे हैं जिनसे संबंधित पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना था कि 47 मुकदमों में से 38 मामलों में आरोपों से जुड़ी ठोस जानकारी और प्रमाण सामने नहीं आए हैं। इसलिए आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए।
बताया जाता है कि भाजपा नेता रवि सतीजा ने अगस्त 2025 में बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए उनके खिलाफ फर्जी दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने दो युवतियों के साथ अखिलेश दुबे, आयुष मिश्रा उर्फ लवी समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच में शामिल बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक अखिलेश दुबे और उसके कथित गिरोह के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष 46 जांचें लंबित हैं, जिनमें छह मामले गंभीर अपराधों से जुड़े बताए गए हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आशंका जताई थी कि जमानत मिलने के बाद आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
वहीं एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि आरोपी के खिलाफ 50 से अधिक शिकायतें जांच सूची में हैं और इस मामले में करीब 4500 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


