डीएम के सख्त तेवर: 15 दिन में जवाब नहीं तो तय होगी जिम्मेदारी
Kanpur । ग्राम पंचायत की दुकानों से आय बढ़ाने की योजना ही पंचायत पर भारी पड़ गई। ब्लॉक कल्याणपुर के सचेंडी गांव में दुकानों के आवंटन और किराया वसूली में गड़बड़ियों का ऐसा मामला सामने आया कि ग्राम निधि पर 10,31,800 रुपये की देनदारी निकल आई। मामला जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह तक पहुंचा तो जांच के बाद सीधे कार्रवाई का आदेश दिया गया। अब ग्राम प्रधान उर्मिला देवी और तीन तत्कालीन सचिवों—राकेश झा, शैली राठौर व सुशील वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से 15 दिन में साक्ष्यों सहित जवाब मांगा गया है।
23 दुकानों के आवंटन में कई सवाल
जांच में सामने आया कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत ने 23 दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों के आवंटन में तय नियमों का ठीक से पालन नहीं किया गया। कई जगहों पर मूल आवंटियों की जगह दूसरे लोग दुकान चलाते मिले। इतना ही नहीं, दुकानों का किराया भी नियमित रूप से पंचायत खाते में जमा नहीं हुआ।
जांच रिपोर्ट के अनुसार किराया वसूली और बैंक में जमा रकम के रिकॉर्ड में भी अंतर मिला। कुछ दुकानों के सामने अभिलेखों में किराया शून्य दर्ज था, जबकि मौके पर दुकानें चल रही थीं।
कागजों में गड़बड़ी, आय के मौके भी छूटे
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दुकानों से जुड़े आवंटन पत्र, अनुबंध और शर्तों के दस्तावेज व्यवस्थित रूप से सुरक्षित नहीं रखे गए। समय-समय पर किराया दरों का पुनरीक्षण भी नहीं किया गया।
इसके अलावा करीब 500 वर्गमीटर में बना पंचायत उद्योग भवन, जो आय का बड़ा स्रोत बन सकता था, वह भी उपयोग में नहीं लाया गया। जांच में माना गया कि पंचायत की आय बढ़ाने के लिए जरूरी प्रयास नहीं किए गए।
अब तय होगी जिम्मेदारी
जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो वित्तीय जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा है कि पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता अनिवार्य है और ग्राम निधि को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


