- कानपुर। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जेके सीमेंट लिमिटेड ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत कानपुरवासियों को दो अत्याधुनिक एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) एंबुलेंस समर्पित की हैं। यह पहल सांसद रमेश अवस्थी के विशेष आग्रह पर की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद रमेश अवस्थी ने एंबुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि जेके सीमेंट समूह ने उनके अनुरोध पर कानपुर की जनता को आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य किया है।
दिल्ली में हुई थी पहल की शुरुआत
सांसद अवस्थी ने बताया कि दिल्ली में जेके सीमेंट के प्रबंध निदेशक डॉ. राघवपत सिंघानिया से इस विषय पर चर्चा हुई थी। उस दौरान उन्होंने दो माह में इस योजना को मूर्त रूप देने का आश्वासन दिया था, जिसे आज पूरा कर दिखाया गया।
एनजीओ को सौंपी गई एंबुलेंस सेवा
इस पहल के तहत प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी केयर को मजबूत करने के लिए एंबुलेंस सेवाएं माउंटेन मेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया को सौंपी गई हैं, ताकि इनका प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जेके समूह के वरिष्ठ अधिकारी, मंडलायुक्त, केडीए वीसी, केडीए सचिव, सीएमओ सहित कई चिकित्सक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताया।
कॉर्पोरेट नागरिकता का उदाहरण
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि जेके सीमेंट जैसी कंपनियां कॉर्पोरेट सिटिजनशिप का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलती है और इससे उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मिशन को गति मिलेगी।
जेके सीमेंट का संकल्प
प्रबंध निदेशक डॉ. राघवपत सिंघानिया ने कहा,
“कानपुर हमारे लिए केवल संचालन का केंद्र नहीं, बल्कि हमारा घर है। औद्योगिक विकास और सामुदायिक कल्याण साथ-साथ चलने चाहिए। इन एसीएलएस एंबुलेंसों के माध्यम से हम जरूरतमंदों को समय पर गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन सेवा का भरोसा दे रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्वरित चिकित्सा परिवहन की कमी के कारण किसी की जान न जाए।
जनहित में बड़ी पहल
इन अत्याधुनिक एंबुलेंसों से हृदयाघात, दुर्घटना और अन्य गंभीर आपात स्थितियों में मरीजों को मौके पर ही उन्नत चिकित्सा सहायता मिलेगी। इससे कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।


