Kanpur। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का सजीव प्रसारण सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में किया गया। जनपद की बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील तथा जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान महिलाओं ने टोल-फ्री नंबर 9667173333 पर मिस कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन भी दर्ज कराया।विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ और अधिक मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की लगभग 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।विधायक सरोज कुरील ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़े बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।
आज महिलाएं शिक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व के माध्यम से हर क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को सृजन और शक्ति का आधार माना गया है और आज महिलाएं सामाजिक, आर्थिक तथा प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायती राज विभाग तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों से जुड़ी महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही। एनआरएलएम से रानी कमल, पूजा वर्मा, रीना सिंह एवं नीरज देवी उपस्थित रहीं। ग्राम पंचायतों से सुलेखन कुशवाहा (तिलसड़ा, पतारा), दीक्षा पटेल (दूरौलो, पतारा) तथा पूनम निषाद (रमेल नगर, कल्याणपुर) ने भाग लिया। पंचायती राज विभाग से दीक्षा (ककवन), श्रेया गौतम (धरमगतपुर, कल्याणपुर), प्रतिमा (निवादा महसन, शिवराजपुर), रोशनी कश्यप (बंसढी, चौबेपुर) तथा दीप लक्ष्मी (बारामऊ, बिल्हौर) उपस्थित रहीं।इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों वंदना सरिता, मालती देवी, गरिमा यादव, रेनू कुमारी तथा संगीता श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


