22 जनवरी को होगा सजा का एलान
Kanpur । शहर को झकझोर देने वाले बहुचर्चित कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ की घड़ी आ गई। कानपुर की विशेष अदालत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए शिक्षिका रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और सहयोगी शिवा को अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद जहां एक ओर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े, वहीं दूसरी ओर पूरे शहर की निगाहें अब 22 जनवरी पर टिक गई हैं, जब अदालत सजा का एलान करेगी।
कोर्ट में सन्नाटा, फैसले से कांपे आरोपी
फैसले के वक्त अदालत कक्ष में सन्नाटा पसरा रहा। जैसे ही जज ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया, रचिता, प्रभात और शिवा के चेहरे का रंग उड़ गया। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए पुख्ता साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी प्रमाणों ने कोर्ट को इस निष्कर्ष पर पहुंचाया कि तीनों ने मिलकर फिरौती के इरादे से मासूम कुशाग्र का अपहरण किया और बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
फैसला सुनते ही रो पड़े परिजन
कोर्ट परिसर के बाहर फैसले का इंतजार कर रहे कुशाग्र के परिजनों के लिए यह पल बेहद भावुक था। दोष सिद्ध होने की खबर मिलते ही परिवार के लोग फूट-फूट कर रो पड़े। कुशाग्र के पिता ने रुंधे गले से कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, वह माफ करने लायक नहीं है। उन्होंने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा कि अब उन्हें अदालत से सबसे कठोर सजा की उम्मीद है।
अपनी ही शिक्षिका निकली हत्याकांड की साजिशकर्ता
इस हत्याकांड ने इसलिए भी पूरे शहर को हिला दिया था, क्योंकि कुशाग्र को मौत के जाल में फंसाने वाली उसकी अपनी ही शिक्षिका रचिता वत्स थी। उसने अपने प्रेमी प्रभात के साथ मिलकर पहले फिरौती की साजिश रची और फिर पकड़े जाने के डर से मासूम की जान ले ली। पुलिस ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी जांच के बाद इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया था।
22 जनवरी को होगा सजा का एलान
फैसले को लेकर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोषी करार दिए जाने के बाद तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया। अब पूरे कानपुर की नजरें 22 जनवरी पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि कुशाग्र के हत्यारों को उम्रकैद मिलेगी या फांसी का फंदा।


