Kanpur ।मरियमपुर की कक्षा 11 की बच्ची की आत्महत्या के प्रकरण में सी डब्ल्यू सी मजिस्ट्रेट देप्रत्येकवेन्द्र प्रताप सिंह छात्रा के घर उसके परिजनों से मिलने पहुंचे और पूरी जानकारी ली।उन्होंने कहा की ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है आज के परिवेश में बच्चो द्वारा आत्महत्या के बढ़ते प्रकरण चिंताजनक है।व्यस्त जीवनशैली में अभिभावक बच्चो के बीच में संवाद के अभाव के कारण बच्चो को सही गलत के पहचान का अभाव हो रहा है।
माता पिता दोनों को बच्चो से उनके मनोभाव को समझ कर उसकी सोच को सकारात्मक दिशा देनी चाहिए।ऐसे में स्कूल की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है जिस तरह से बच्चो द्वारा गलत निर्णय में बढ़ोत्तरी हुई है विचार का विषय है।प्रत्येक स्कूल में अध्ययन के विषय के साथ मनोविशेषज्ञ की नियुक्ति आवश्यक है जो कम से कम सप्ताह में एक बार स्कूल के बच्चो को तनाव प्रबंधन के बारे में और नैतिकता तथा पारिवारिक मूल्यों के बारे में शिक्षित कर सके।शासन को प्रत्येक स्कूल में मनोविशेषज्ञ की अनिवार्यता के लिए न्यायपीठ के ओर से संस्तुति की जाएगी अब ऐसी घटनाओ से ये विचार उत्पन्न होता है की स्कूल द्वारा फेल न करके पुनः परीक्षा की प्रक्रिया में भी यदि बच्चा तनाव महसूस करके आत्महत्या का फैसला लेता है तो स्कूल और अभिभावक दोनों को बच्चो के अवसाद में जाने की सम्भावना से सजग रहना होगा।
छात्रा के पिता सुनील कुमार ने बताया की बेटी नर्सरी से मरियमपुर स्कूल में पढ़ रही है जहां की शिक्षण प्रणाली से वे बहुत संतुष्ट है ,बेटी कुछ दिन से गुमसुम हो जाती थी और देर रात तक जागती थी शायद उसके व्यावहारिक परिवर्तन को वे समझ नहीं पाए।


