कानपुर। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी दरोगा को अनवरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का उप निरीक्षक बताकर वर्दी और फर्जी पहचान पत्र के सहारे लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना अनवरगंज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कर्नलगंज रोड स्थित कूड़ा घर के पास से आरोपी संजय कुमार सिंह (42), निवासी उन्नाव को धर दबोचा। पुलिस टीम ने जब उसे रोका तो वह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रौब जमाने लगा, लेकिन जांच के बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से यूपी पुलिस और सीबीआई के फर्जी आईडी कार्ड, पुलिस की वर्दी, लाइटर पिस्टल, नकली कारतूस, मोबाइल फोन, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट लगी आई-20 कार बरामद की गई। इन सामानों के जरिए वह खुद को असली अधिकारी साबित करने की कोशिश करता था।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर लखनऊ में फर्जी परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित करता था। वह युवाओं को भरोसा दिलाता था कि उसकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक है और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है। इसके बदले वह हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूलता था। कई मामलों में पैसे लेने के बाद वह संपर्क भी तोड़ देता था।
थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त था और कई जिलों में युवाओं को निशाना बना चुका था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। साथ ही उसके अन्य साथियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी नौकरी या भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी माध्यमों से ही प्राप्त करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या झांसे में न आएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।


