अवैध टैक्स वसूली और डिजिटल पारदर्शिता न होने का लगाया आरोप
Kanpur । नगर निगम मुख्यालय पहुंचे उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के पदाधिकारियों और वाहन चालकों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने आए पदाधिकारी उस समय आक्रोशित हो गए, जब उन्हें पता चला कि नगर आयुक्त उनसे मिले बिना ही कार्यालय के पीछे के रास्ते से निकल गए।
इससे नाराज चालक और पदाधिकारी नगर निगम के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने ऑटो लोडर वाहनों से की जा रही कथित अवैध टैक्स वसूली पर सवाल उठाए।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पूरे देश में कहीं भी ऑटो लोडर पर नगर निगम का अलग से कोई टैक्स नहीं लिया जाता है, फिर कानपुर नगर निगम किस नियम के तहत यह वसूली कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब वाहन चालक पहले से ही राज्य सरकार को रोड टैक्स और प्रतिवर्ष फिटनेस टैक्स दे रहे हैं, तो नगर सीमा में प्रवेश पर अतिरिक्त शुल्क लेना गलत है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के विभिन्न जोनों में टैक्स वसूली करने वालों के पास न तो कोई पहचान पत्र होता है और न ही वे निर्धारित वर्दी में रहते हैं। इससे असामाजिक तत्व भी वाहनों को रोककर अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
संगठन ने डिजिटल पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया योजना के बावजूद नगर निगम द्वारा वसूले जा रहे शुल्क का कोई विवरण निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
धरने में राजीव जायसवाल, दिवाकर मिश्रा, शमीम, वसीम, सोनू तिवारी, जितेन्द्र रतन, राम नरेश भदैरिया, उमाशंकर, अंकुर गुप्ता और राजू जायसवाल समेत बड़ी संख्या में ऑटो लोडर चालक मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि अवैध वसूली जल्द बंद नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


