16 नवंबर से स्वगणना, एक दिसंबर से घर-घर गणना; लोगों से पूछे जाएंगे 40 सवाल
Kanpur । जनगणना के सटीक आंकड़े ही देश की विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर नियोजन का आधार हैं। इसलिए कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से छूटना नहीं चाहिए। सभी कार्मिक पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से इस राष्ट्रीय दायित्व को निभाएं। यह निर्देश जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए आयोजित जोन-4 के प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण सत्र में दिए।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए आंकड़ों की शुद्धता, समयबद्धता और शत-प्रतिशत कवरेज पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीतियां और विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। ऐसे में सूचनाएं दर्ज करते समय पूरी सावधानी बरती जाए। सभी प्रगणक और सुपरवाइजर डिजिटल टूल्स और मोबाइल एप्लीकेशन के इस्तेमाल का समुचित प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि गणना के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। जनपद में जनगणना कार्य के लिए करीब 10,500 कार्मिक लगाए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों और गैर-अधिसूचित बस्तियों में रहने वाले लोगों को भी गणना में शामिल किया जाए। कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखा जाए। जिलाधिकारी ने जनगणना के निर्धारित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करने को कहा। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना होगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी।
नाम, शिक्षा से लेकर रोजगार तक की जानकारी
जनगणना के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, मातृभाषा, दिव्यांगता, साक्षरता, शैक्षिक योग्यता, डिजिटल साक्षरता, रोजगार, व्यवसाय, जन्मस्थान, प्रवासन के कारण और बच्चों की संख्या से संबंधित सवाल शामिल हैं। आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल होगी। हालांकि, गणना के दौरान कोई दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सटीक आंकड़े ही प्रभावी जनकल्याणकारी योजनाओं और सशक्त राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।


