मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने किया सम्मानित, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की समीक्षा बैठक भी की
Kanpur। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 70 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजर को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बीएलओ से संवाद कर अभियान के अनुभव और सुझाव भी सुने।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने में बीएलओ और सुपरवाइजर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।संवाद के दौरान किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 72 के बीएलओ संजय कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने बूथ के मतदाताओं का व्हाट्सएप समूह बनाकर आवश्यक सूचनाएं साझा कीं और घर-घर जाकर परिवारों का विवरण एकत्र किया, जिससे कार्य समय पर पूरा करने में सहायता मिली।
बिठूर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 384 के प्रथम बार नियुक्त बीएलओ अंकित पटेल ने बताया कि शुरुआत में कुछ कठिनाई हुई, लेकिन अधिकारियों के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से कार्य सरल हो गया। कल्याणपुर के बीएलओ रवि कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच बीएलओ और दो-दो सुपरवाइजर को सम्मानित किया गया। इस दौरान कई अन्य बीएलओ और सुपरवाइजर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए अभियान में आए अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा की।
इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से लगभग 98 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
शेष मामलों की सुनवाई 27 मार्च तक चलेगी, जबकि 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।बैठक में मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह और एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।


