Kanpur। 23 फरवरी 2026। मानव सेवा और समाज के लिए प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए युग दधीचि देहदान महायज्ञ के अंतर्गत 318वीं आहुति के रूप में रामबाग, आरके नगर निवासी 65 वर्षीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी प्रमोद शंकर दीक्षित की पार्थिव देह मेडिकल शिक्षा के लिए समर्पित कर दी गई। उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए परिजनों ने संस्था से संपर्क किया और देहदान की प्रक्रिया शुरू कराई।
स्वर्गीय प्रमोद शंकर दीक्षित का 22 फरवरी की रात अस्पताल में निधन हो गया था। उनके परिवार ने उनके जीवनकाल में किए गए देहदान के संकल्प का सम्मान करते हुए देहदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर और माधवी सेंगर से संपर्क किया। सेंगर दंपति ने तुरंत व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराते हुए पार्थिव देह को जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एनाटॉमी विभाग को समर्पित कराया।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे पूरे सम्मान के साथ पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई। इस अवसर पर सेंगर दंपति के साथ स्व. प्रमोद शंकर दीक्षित के भाई अजय शंकर दीक्षित, पत्नी रेनू दीक्षित समेत परिजन और परिचित मौजूद रहे। इनमें डॉ. बीके पाण्डेय, डॉ. श्रीवर अग्निहोत्री, डॉ. शरद बाजपेई, डॉ. नीरू पाण्डेय, विजय नारायण तिवारी मुकुल, मधु बाजपेई, सीमा अग्निहोत्री और प्रदीप पाण्डेय प्रमुख रूप से शामिल थे।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि देहदान जैसे पुनीत कार्य से मेडिकल छात्रों को शिक्षा और शोध में मदद मिलती है। स्व. प्रमोद शंकर दीक्षित का यह निर्णय समाज में मानव सेवा की प्रेरणा देता रहेगा और लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करेगा।


